कार्यक्षेत्र

प्रजनन एवं यौनिक स्वास्थ्य एवं अधिकार-सी.एच.एस.जे समाज के हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलायों के प्रजनन व यौनिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे जैसे मात्रु स्वास्थ्य, सुरक्षित गर्वपात, बल प्रयोग करने वाली जनसंख्या नीतियाँ, गर्वनिरोध के सूचित विकल्पों तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों में गुणवत्ता पूर्ण देखभाल आदि पर अपना ध्यान केन्द्रित करता है|        

स्वास्थ्य अधिकार एवं उपेक्षित समुदाय -  इस कार्यक्षेत्र के अर्न्तगत सी.एच.एस.जे स्वास्थ्य देखभाल संसाधनों के आवंटन में, जनसंख्याओं के बीच मौजूदा विषमताओं को लक्षित करने के लिए अधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाता है| स्वास्थ्य संसाधनों की प्रदानगी बहुत हद तक पारंपरिक रही है जिससे प्रदाता और लाभार्थी प्रक्रिया के दो छोर होते है परन्तु सी.एच.एस.जे की हस्तक्षेप लाभार्थी को भी आवंटन प्रक्रिया के अन्दर शामिल करने को सुगम बनता है|

पुरुष एवं जेंडर समानता- सी.एच.एस.जे पितृसत्ता को तोड़ने और महिलाओं तथा पुरुषों के बीच संतुलन, समता का सम्बन्ध प्राप्त करने के लिए पुरुषों को साथ जोरने की पेशकश करता है|  इस प्रक्रिया में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी के बिना जेंडर समानता बहुत दूर की बात है| इस तथ्य को संसथान द्वारा अपनाई गयी नविन रणनीतियों के द्वारा सामने लाया गया ताकि एक सामान्य सामाजिक वातावरण की प्राप्ति में पुरुषों की पहल को शामिल किया जा सके|

स्वास्थ्य अधिकारों के लिए सामुदायिक कार्यवाही- यह शीर्षक/कार्यक्षेत्र भारत के नौ  राज्यों में दो वर्षों तक की गयी सामुदायिक निगरानी प्रक्रिया के क्रमबद्ध प्रयासों के परिणाम स्वरुप उभरा है| सामुदायिक कार्यवाही को हम- समय समय पर सर्वेक्षण एवं अध्ययन, स्वास्थ्य सेवायों की समुदाय आधारित निगरानी और जवाबदेही के ढांचे के अर्न्तगत, समुदाय के स्वामित्व- के रूप में समझते है|